पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर में मनाया रक्षाबंधन का पावन त्यौहार, सैकड़ो बहनों ने कलाई पर बांधी राखी, बहनों की रक्षा का वचन देकर रघुवर दास ने नारी शक्ति के सम्मान का किया आह्वान
जमशेदपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम व स्नेह का पावन त्यौहार रक्षाबंधन शुक्रवार को शहर में पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया। रक्षाबंधन पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर के एग्रिको स्थित आवास पर अपनी बहन बेदु बाई एवं महारीन बाई समेत जमशेदपुर शहर के विभिन्न क्षेत्र की बहनों से राखी बंधवाई।
इस दौरान बहनों ने उनके माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी और मुंह मीठा कर उनके उत्तम स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। वहीं, रघुवर दास ने बहनों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उनके आवास पर पधारे साकची, गोलमुरी, टेल्को, बर्मामाइंस, सीतारामडेरा, बारीडीह, भालूबासा, सोनारी एवं मानगो क्षेत्र की सैकड़ों बहनों ने पूर्व सीएम रघुवर दास की कलाई पर राखी बांधी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सभी बहनों को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किया और उनकी रक्षा का संकल्प लेकर सभी के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर सहित राज्य की समस्त बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही हम रक्षाबंधन का त्यौहार श्रद्धाभाव से मनाते आ रहे हैं।
रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच एक पवित्र संकल्प, अटूट स्नेह, अखंड प्रेम और प्रेरक बल प्रदान करने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि आज की नारी परिवार और समाज की जिम्मेदारियों के साथ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता का परचम लहरा रही है। अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर सेना, विमानन, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, खेल और उद्योग जगत तक महिलाओं ने अपनी उल्लेखनीय पहचान बनाई है। यह बदलते भारत की तस्वीर है, जहां नारी शक्ति सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
परंतु, हाल के दिनों में समाज में विकृत मानसिकता वाले लोग नारी शक्ति को अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शक्ति स्वरूपा नारी के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण से ही परिवार मजबूत होगा और परिवारों की मजबूती से समाज एवं राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व हम सभी को बहनों के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।


