तीन महीने की सुनियोजित नागरिक जवाबदेही: सौरभ विष्णु का जमशेदपुर पश्चिम में दस्तावेज़ीकृत अभियान…..

1 min read

तीन महीने की सुनियोजित नागरिक जवाबदेही: सौरभ विष्णु का जमशेदपुर पश्चिम में दस्तावेज़ीकृत अभियान

जमशेदपुर, 15 सितंबर —

सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने बीते लगभग तीन महीनों में जमशेदपुर पश्चिम एवं मानगो क्षेत्र में चलाए गए अपने सतत नागरिक जवाबदेही अभियान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया है।

इस अवधि में स्वास्थ्य व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़े कई मामलों में आरटीआई आवेदन, ज्ञापन, प्रतिनिधिमंडल और औपचारिक पत्राचार के माध्यम से लगातार दबाव बनाया गया है।एमजीएम अस्पताल छत हादसा: एक ही सच्चाई, चार संस्थाओं के समक्षसौरभ विष्णु ने बताया कि 3 मई 2025 को एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में छत गिरने से चार लोगों — डेविड जॉनसन, लुकास साइमन तिर्की, श्रीचंद तांती एवं रेणुका देवी — की मृत्यु हुई थी, परंतु 15 महीने बाद भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अपने आदेश दिनांक 10 जुलाई 2026 में उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता को साथ लेकर जांच की जाए और चार सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह अवधि बीत चुकी है, परंतु अब तक कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हुई है।इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि मुआवजा राशि पूरी तरह जारी की जा चुकी है — जबकि अस्पताल प्रशासन के अपने आरटीआई जवाब (पत्र संख्या 3178, दिनांक 31 अगस्त 2026) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राशि अभी वितरित नहीं हुई है, और पीड़ित परिवार स्वयं कह चुके हैं कि उन्हें कुछ नहीं मिला।

सौरभ विष्णु ने कहा कि एक ही सच्चाई अब चार अलग-अलग संस्थाओं — उपायुक्त कार्यालय, सिविल सर्जन कार्यालय, राज्य सूचना आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग — के समक्ष एक साथ रखी गई है, और पीड़ित परिवारों को अब और इंतजार नहीं करना चाहिए।अन्य सक्रिय मोर्चेबाढ़ राहत, मानगो: 19 अगस्त 2026 को भारी बारिश के बाद मानगो क्षेत्र के लक्ष्मण नगर, राम नगर एवं शांति नगर मोहल्लों में गंभीर जलजमाव की स्थिति बनी।

सौरभ विष्णु फाउंडेशन की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित परिवारों के बीच भोजन एवं राहत सामग्री का वितरण किया। सौरभ विष्णु स्वयं इन इलाकों में गए और निवासियों की समस्याएं सुनीं, तथा इसे मानगो नगर निगम की अपनी मानसून-पूर्व नाला-सफाई घोषणाओं की जमीनी हकीकत की परीक्षा के रूप में भी सामने रखा।हिल व्यू कॉलोनी, डिमना: 23 अगस्त 2026 को जलसंकट और सफाई व्यवस्था को लेकर हुए धरने के बाद प्रशासन ने आंशिक राहत देते हुए सुबह एक बार जलापूर्ति बहाल की, हालांकि पूर्ववत दो बार की आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं हुई है।

इसके समानांतर, टाटा स्टील के भूमि एवं भवन विभाग के साथ स्थानीय सामुदायिक भवन को लेकर संयुक्त स्थल निरीक्षण भी संपन्न हुआ।दाईगुट्टू बस्ती, मानगो: सत्तर वर्ष पुरानी इस बस्ती में मुख्य मार्ग अत्यंत संकरा होने और वन विभाग द्वारा प्रस्तावित सीमा-दीवार से आपातकालीन पहुंच पूरी तरह अवरुद्ध होने की आशंका को लेकर वन प्रमंडल पदाधिकारी को सीधा ज्ञापन सौंपा गया।डिमना रोड चौड़ीकरण: टेंडर जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य में हो रही देरी और जलजमाव की शिकायत पर प्रशासन से औपचारिक जवाब मांगा गया है।

मानगो जलापूर्ति पाइपलाइन (₹60 करोड़): सुभाष कॉलोनी से मानगो ब्रिज तक बन रही नई जलापूर्ति पाइपलाइन की फंडिंग, उद्देश्य और लाभार्थियों को लेकर मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय और जमशेदपुर अक्षेस को औपचारिक आरटीआई आवेदन दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सार्वजनिक धन से बन रही इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मानगोवासियों को भी मिलेगा या नहीं।राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) मामला: डिमना क्षेत्र में वासुंधरा एस्टेट के निकट प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) हेतु आरक्षित 13 एकड़ भूमि पर, निर्माण के बजाय, मानगो नगर निगम द्वारा बड़े पैमाने पर ठोस कचरा डंप किया जा रहा था।

सौरभ विष्णु ने जून 2026 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), पूर्वी क्षेत्र पीठ में याचिका (मामला संख्या OA/202(EZ)2026) दाखिल कर आरोप लगाया कि यह डंपिंग न केवल पर्यावरण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि इस स्थल पर अन्य नगर निकायों से भी, बिना किसी अनुमति अथवा परमिट के, कचरा लाकर डाला जा रहा है — जिससे मानगो क्षेत्र स्वयं की क्षमता से कहीं अधिक बोझ झेल रहा है, तथा आसपास की सड़कों पर भी कचरा फैलने लगा है।

याचिका में डंपिंग पर तत्काल रोक तथा पर्यावरण नियमों के सख्त अनुपालन की मांग की गई है। यह मामला अब पूर्वी क्षेत्र पीठ में सूचीबद्ध है, जिसकी सुनवाई आज, 15 सितंबर 2026 को माननीय न्यायाधीश के समक्ष निर्धारित है।सौरभ विष्णु का कहना है“पिछले तीन महीनों में हमने हर सप्ताह कम से कम एक सत्यापन-योग्य कदम उठाने की कोशिश की है — चाहे वह एक आरटीआई हो, एक ज्ञापन हो या एक प्रतिनिधिमंडल। यह किसी एक घटना की बात नहीं है, यह एक पैटर्न है: जनता का पैसा और जनता का अधिकार, दोनों को जवाबदेह बनाना।

जब तक हर मामला अपने तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचता, यह अभियान जारी रहेगा।”सौरभ विष्णु ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति-विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि जमशेदपुर के हर नागरिक के मूलभूत अधिकारों से जुड़ा एक गैर-राजनीतिक, दस्तावेज़ीकृत जवाबदेही प्रयास है।

SPY POST https://spypost.in/

राजनीति और सामाज के अंदर तक घुसपैठ कर चुके विषैले विषाणुओं को मारने वाला किटाणुनाशक....
एडवेंचर पत्रकारिता से प्यार और किसी भी कीमत पर सच सामने लाने की जिद.....
"जो नहीं हो सकता वहीं तो करना है".....

You May Also Like

More From Author