सेना के जवान ने जान लगाकर देश की सेवा की परंतु जमशेदपुर शहर के अंचल अधिकारी (C.O.) मनोज कुमार की वक्र दृष्टि का शिकार सेना का रिटायर्ड जवान…..

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सेना के जवान ने जान लगाकर देश की सेवा की परंतु जमशेदपुर शहर के अंचल अधिकारी (C.O.) मनोज कुमार की वक्र दृष्टि का शिकार सेना का रिटायर्ड जवान…..
जमशेदपुर शहर के गोविंदपुर धारा अंतर्गत नारायणी कामधेनू अपार्टमेंट घोड़ाबांधा है। यह जगह सरकारी खतियान में मौजा मनपीठा, खाता संख्या 173, प्लॉट संख्या 208/P, रकवा 1.5 डी में अनाबाद बिहार सरकार के रूप में दर्ज है।
झारखंड लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के अंतर्गत JPLE की धारा 2 में परिभाषित लोक भूमि के अंतर्गत है। सरकारी भूमि के रक्षार्थ वर्णित भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु अधिनियम 1956 की धारा 2 के अंतर्गत अतिक्रमणकारियों को को C.O. ऑफिस से अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस जारी किया गया था।

ये 6 नाम और अतिक्रमित भूमि का विवरण निम्नलिखित है—–

  1. सतीश कुमार सिंह ,पिता स्वर्गीय राम इकबाल सिंह मकान संख्या 15 कामधेनू अपार्टमेंट घोड़ाबांधा ,थाना गोविंदपुर, कुल अतिक्रमित भूमि 350 वर्ग फीट–
  2. प्रकाश चंद्र झा, पिता महेंद्र झा, सा० मनपीठा, थाना गोविंदपुर ,जमशेदपुर को JPLE एक्ट के तहत नोटिस, कुल अतिक्रमित रकबा 654 वर्ग फीट
  3. कपिल देव पांडे, पिता अज्ञात, थाना गोविंदपुर जमशेदपुर कुल अतिक्रमित रकवा 654 वर्ग फीट
  4. ओम प्रकाश पांडे, पिता पी० पांडे, सा० मनपीठा, थाना गोविंदपुर जमशेदपुर कुल अतिक्रमित रकवा 654 वर्ग फीट
  5. मनोज पांडे पिता शारदा शरण पांडे ,गोविंदपुर जमशेदपुर अतिक्रमित रकबा 654 वर्ग फीट
  6. आर रंजन, पिता आर. रंग राजन, सा० मनपीठा ,थाना गोविंदपुर जमशेदपुर , अतिक्रमित रकबा 654 वर्ग फीट-
  7. जमशेदपुर के सी.ओ. मनोज कुमार की भूमिका और कार्यवाही यहां पर संदिग्ध नजर आ रही है। जब एक समान मामले में एक ही अतिक्रमित प्लॉट के छह अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस जारी किया गया था तो केवल सेवा के रिटायर्ड जवान सतीश सिंह के ऊपर ही दवाब बनाना और सतीश सिंह के हिस्से को तोड़ने में अपनी सारी ऊर्जा और तत्परता दिखाना कई शंकाओं को जन्म देता है।
  8. इन सभी छः लोगों में सबसे छोटा जमीन का हिस्सा सतीश सिंह के पास है और बाकी पांच लोगों के पास कब्जे में सबसे ज्यादा जमीन है। बावजूद इसके जमशेदपुर सी.ओ. मनोज कुमार प्रशासनिक दल बल के साथ केवल सतीश सिंह के हिस्से को तोड़ने में आमदा हैं ।
  9. इससे यही प्रतीत होता है कि भारतीय सेना के लिए जमशेदपुर सी.ओ. मनोज कुमार के मन में कोई कुण्ठा है या मनोज कुमार भारतीय सेना से घृणा करते हैं।
  10. तभी सी.ओ. मनोज कुमार आवेग और आवेश के वशीभूत छः लोगों में से केवल सेना के रिटायर्ड जवान सतीश सिंह के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं।
  11. इस मामले का दूसरा पहलू यह भी है कि बाकी के पांच लोगों में से एक का नाम प्रकाश चंद्र झा है जो कि टाटा मोटर्स का कर्मचारी है। आपसी विवाद पर मौके पर पहुंची पुलिस को सरेआम राइफल छीन कर गोली मारने की धमकी दे चुका है ,जिसका वीडियो उपलब्ध है।
  12. इस प्रकरण पर गोविंदपुर थाना के तात्कालिक सहायक अवर निरीक्षक रंजीत पासवान के बयान पर प्रकाश चंद्र झा एवं सोनू झा, पिता महेंद्र झा के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिक की दर्ज हुई थी।
  13. उस प्राथमिकी की संख्या 77/21 है और यह मुकदमा आईपीसी की धारा 353, 504, 506 के तहत दर्ज हुई थी।
  14. इस केस का अनुसंधानकर्ता किशोर मुंडा को बनाया गया था। बावजूद इसके, बाहरी दबाव के कारण प्रकाश चंद्र झा और सोनू झा की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है।
  15. इसके बारे में कोई भी स्पष्टीकरण गोविंदपुर थाना के थाना प्रभारी दे सकते हैं।
  16. ऐसा भी हो सकता है कि सी.ओ. मनोज कुमार प्रकाश चंद्र झा और सोनू झा की गोली मार देने वाले धमकी से भयभीत हो गए हैं और इस भय के कारण बाकी के पांच लोगों के अतिक्रमण को तोड़ने में डर रहे हों ।
  17. या फिर ऐसा भी हो सकता है कि कोई अज्ञात आर्थिक लेनदेन का मामला हो।
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