एक तरफ महिलाओं के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, और यहाँ अपराधियों की निरंकुशता की शिकार हुई निरीह युवती पीड़ा से कराहते हुए इस बात का इंतज़ार कर रही है की कब सांसद आयेंगे और कहेंगे “ मैं हूँ न “

1 min read

एक तरफ महिलाओं के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, और यहाँ अपराधियों की निरंकुशता की शिकार हुई निरीह युवती पीड़ा से कराहते हुए इस बात का इंतज़ार कर रही है की कब सांसद आयेंगे और कहेंगे “ मैं हूँ न “

अपराधियों की चाय से झुलसी युवती पूछ रही सवाल, क्या सांसद केवल उद्योगपतियों के रहनुमा..?

जमशेदपुर : – विगत 06 अप्रैल को जमशेदपुर के टीएफए फुटबॉल मैदान के पास एक चाय का ठेला लगा है। पसीने से तर – बतर एक युवती चाय बना कर ग्राहकों को सर्व कर रही है। तभी एक राष्ट्रीय पार्टी का झंडा लगा एक कार वहां आकर रुकता है l कार में बैठे लोग लड़की से चाय मांगते हैं l

थोड़ी देर होती है, क्योंकि चाय बन रही थी l बस फिर क्या था कार में बैठे सभी लोग उतर कर गाली -गलौज करते हुए बजरंग चाय नाम के उस ठेले पर तांडव मचाना शुरू कर देते हैं l हद तो तब हो गयी जब उनमे से एक ने खौलता हुआ पूरा चाय उस गरीब युवती के चेहरे पर फेंक दिया l
घटना के बाद काफी हंगामा हुआ। कई सामाजिक संगठनो ने इसके विरोध में आवाज़ उठाई l भाजपा ने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया की वो लोग हमारे कार्यकर्त्ता नहीं हैं । मगर शहर के सांसद बिद्युत वरन महतो जो उद्योगपति कैरव गाँधी के अपहरण के समय बेहद सक्रिय थे , इस मामले में एक बार भी पीड़िता से मिलने नहीं गए हैं l

अब पीडिता के साथ -साथ आम जनमानस के जेहन में भी ये सवाल तैर रहा है की क्या भाजपा के बड़े नेता और सांसद केवल उद्योगपतियों की आवाज़ बनकर रह गए हैं ? ऐसे में अपना बहुमूल्य वोट देकर उन्होंने जिसे संसद में अपना प्रतिनिधि बना कर भेजा है उन्हें उनका दायित्व कौन याद दिलाएगा ? आज आलम ये है की पीडिता मेहंदी का इलाज सामाजिक संगठनो से मिलने वाले आर्थिक मदद के भरोसे है l क्या एक सांसद की ये जिम्मेवारी नहीं है की वो अपने स्तर से उस गरीब के इलाज का खर्चा को अस्पताल प्रबंधन को बोल कर माफ़ नहीं तो कम से कम न्यूनतम ही करवा दे l

सामजसेवी हरि सिंह राजपूत ने अपने स्तर से पीडिता मेहंदी को 36000 रुपयों की आर्थिक मदद पहुंचाई है l ऐसे और भी लोग हैं जो बढ़ चढ़कर पीडिता की मदद कर रहे हैं l मगर कब तक हो सकता है।

एक दो दिनों में पीड़िता आपको अस्पताल की सीढ़ियों पर अपने अपने चेहरे पर कपड़ा डाले हाथ में स्लाइन की बोतल पकड़ी बैठे मिले l क्योंकि टाटा मुख्य अस्पताल की जो स्थिति है उसे देखकर ऐसी स्थिति आ जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी l
ऐसे में क्या जमशेदपुर के लोकप्रिय सांसद जी से पीडिता के लिए किसी मदद की उम्मीद की जा सकती है ?

सवाल बड़ा है और बेहद गंभीर भी l

SPY POST https://spypost.in/

राजनीति और सामाज के अंदर तक घुसपैठ कर चुके विषैले विषाणुओं को मारने वाला किटाणुनाशक....
एडवेंचर पत्रकारिता से प्यार और किसी भी कीमत पर सच सामने लाने की जिद.....
"जो नहीं हो सकता वहीं तो करना है".....

You May Also Like

More From Author