एक नई विश्व व्यवस्था का निर्माण हो रहा है जिसमें युद्ध और नफरत के लिए कोई जगह नहीं होगी और एक नए समाज के निर्माण में हमारे कुछ लोग लगे हुए हैं, जिसमें अमन और भाईचारे को स्थान नहीं दिया जा सकता।
◆ धुरंधर” फ़िल्म को ‘अरब देशों ने बैन कर दिया गया है..मीडिया इसे पाकिस्तान के लिए ‘अरब का समर्थन बता रहा है जो 100% झूठ है..2 कौड़ी के पाकिस्तान की क्या औक़ात है?
◆ ‘अरब ने इस फ़िल्म को “इस्लामोफोबिया” के तौर पर देखा है..ये बहुत ही ग़लत मेसेज गया है..पाकिस्तान के साथ ‘अरब के रिश्ते भारत से बेहतर नहीं हैं..
◆ इस के पहले भी भारत की कई फिल्मों को ‘अरब ने बैन किया है..और इस का असर ‘अरब के NRI पर हुआ है..जो NRI ‘अरब में हैं मैंने उन से बात की है और तभी यह बात लिखी है..
◆ भारत में किस मुद्दे’ पर फ़िल्म बनेगी ये कोई दूसरा मुल्क तो नहीं कर सकता है..ये भारत का अपना हक़ है..इस बात पर कोई समझौता नहीं हो सकता है..
◆ मगर मैं हर बात को आर्थिक नज़रिए से देखता हूं..क्योंकि देशी/विदेशी व्यापार किसी भी मुल्क की तरक़्क़ी की बुनियाद है।
★ इस वक़्त भारत और तालिबान के क़रीब आने से पाकिस्तान को सेंट्रल एशिया से बड़ा समर्थन मिल रहा है..तालिबान ने भारत के दोस्तों को भारत से दूर कर दिया है..
★ किर्गिज़स्तान, ताजीकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, पाकिस्तान को चीन ने ख़ुद के नए स्ट्रेटेजिक ट्रेड सर्कल में शामिल कर लिया है..सेंट्रल एशिया भारत से दूर होता जा रहा है..
★ इन ‘इलाक़ों में चीन बहुत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बना रहा है जिन में ‘अरब भी इन्वेस्ट कर रहे हैं..अगले 5 सालों में यह एक “मिनी ट्रेड ब्लॉक” बन जाएगा..चीन बना देगा..
★ आप अगर इस नए उभरते हुए ट्रेड ब्लॉक को पढ़ेंगे तो आप को एहसास होगा कि भारत ख़ुद के पड़ोस में और पुराने दोस्तों से कैसे दूर होता जा रहा है..मेरी सलाह है कि इस टॉपिक पर ज़रूर पढ़िए
★ 2019 के बा’द से भारत का ‘अरब से व्यापार/इन्वेस्टमेंट “डॉलर टर्म्स” में घट रहा है..इस की बड़ी वजह भारत की नफ़रती सियासत भी है..हमें सोचना चाहिए..
★ हम पाकिस्तान को नीचा दिखाने के चक्कर में ख़ुद का व्यापार कमज़ोर कर रहे हैं..इस से तो पाकिस्तान को फायदा हो रहा है..या’नि हम मूर्खता वाली ट्रेड पॉलिसी चला रहे हैं..
👉 हम जितना विदेशी मार्केट खोएंगे उतना ही चीन भारत में घुसता जाएगा और भारत का मार्केट चीन के क़ब्ज़े में जाता रहेगा..
★ हमारा व्यापार घाटा बढ़ेगा और एक्सपोर्ट घटेगा..अमरीका/EU से व्यापार डील का फ़ाइदा “ऑफसेट” हो जाएगा..ये एक कॉमन सेंस की बात है
● ‘अरब हमेशा भारत का दोस्त रहा है..हमें ‘अरब और पाकिस्तान के दरम्यान का फ़र्क़ समझना चाहिए..’अरब को नाराज़ कर भारत की आर्थिक तरक़्क़ी नामुमकिन है..
👉 अगर नफ़रती सियासत चलती रही तो ‘अरब से “सोशल ट्रेड प्रतिबंध” लग सकते हैं..’अरब की स्टाइल अलग है..और ‘अरब के एक्शन का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है..
● ऐसे वक़्त में जब अमरीका/यूरोप जैसे देश ‘अरब से इन्वेस्टमेंट ला रहे हैं, ‘अरब में ट्रेड/AI/बैंकिंग/एजुकेशन हब बना रहे हैं, उस वक़्त में भारत ‘अरब से दूरियां बढ़ा रहा है..ये ख़ुदकुशी है..
✋ फ़िल्म एंटरटेनमेंट है..व्यापार एक संजीदा मसला है..भारत के लॉन्ग टर्म व्यापार को नुक़्सान नहीं पहुंचे यह ज़्यादा ज़रूरी है..
👉 मेहरबानी कर पोस्ट की गहराइयों को समझने का प्रयास करें..क्योंकि मैंने धुरंधर फ़िल्म को ज़िम्मेदार नहीं बताया है..मुझे सिर्फ़ भारत की आर्थिक तरक़्क़ी से सरोकार है..✌️……


