भाड़े के लोग, अपनों का तिरस्कार और मतदान पूर्व फ्लॉप चुनावी रैली की वजह से मानगो की मेयर पद की प्रत्याशी कुमकुम श्रीवास्तव चुनावी रेस से लगभग बाहर…..
मानगो नगर निगम के मेयर पद का चुनावी समीकरण कुछ दिनों पहले तक उलझा हुआ नजर आ रहा था।
एक जिज्ञासा थी लोगों के मन में की इस बार के मेयर पद के चुनाव में शायद कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आज कुमकुम श्रीवास्तव की चुनावी रैली निकली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भाड़े पर जुटाए गए गिनती के कुछ लोगों को छोड़कर रैली पूरी तरह फीकी और फ्लॉप रही।
सूत्रों ने बताया कि कायस्थ समाज के समर्थन की उम्मीद लगाए बैठे प्रत्याशी के पति राजकुमार श्रीवास्तव को गहरी निराशा हाथ लगी है। कायस्थ समाज से चिकित्सक वनिता सहाय भी मानगो मेयर पद की प्रत्याशी के तौर पर मैदान में है।
और कायस्थ वोट का लगभग 90% बंटवारा एनडीए समर्थित प्रत्याशी संध्या सिंह और डॉक्टर वनिता सहाय के बीच तय माना जा रहा है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि चुनाव पूर्व अपनों के द्वारा विश्वासघात के कारण राजकुमार श्रीवास्तव पूरी तरह हतोत्साहित हो चुके हैं।
चुनावी मैदान में कूदने के बाद राजकुमार श्रीवास्तव को उम्मीद थी की समाज से और अपने विश्वसनीय आकाओं से उनको आर्थिक मदद भी मिलेगी, परंतु ऐसे सारे अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
आज की रैली से साबित हो रहा है की मानगो की जनता ने मेयर पद की प्रत्याशी कुमकुम श्रीवास्तव की ओर से अपना ध्यान हटा लिया है।

