काशीडीह रामलीला मैदान के पास वट सावित्री पूजा करने पहुंची महिला के गले से सोने की चेन छीनने की कोशिश, विरोध करने पर अपराधी द्वारा फायरिंग करने की भी सूचना…..
जमशेदपुर शहर में अपराधियों का मनोबल चरम पर है। जब जैसा उनका मन करता है, तब वैसी अपराध की घटना को अंजाम दे देते हैं ।
जब मर्जी होती है गोली चल जाती है, जब मर्जी होती है चापड़ चल जाता है, जब मर्जी होती है गाड़ी की चोरी हो जाती है, जब मर्जी होती है चैन छिनतई कर लेते हैं और जब मर्जी होती है खाली पड़े घरों को ये अपना निशाना बना लेते हैं और चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दे देते हैं।
कल संध्या के समय काशीडीह बाराद्वारी मोड़ पर स्थित रामलीला मैदान प्रांगण में स्थित बरगद के पेड़ के नीचे महिलाओं का एक समूह वट सावित्री पूजा करने के लिए इकट्ठा हुआ था।
इस तरह के मौके की ताक में बैठे अपराधियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर की तरह था और घात लगाए अपराधियों ने एक महिला के गले में झपट्टा मार कर चीन छिनने की कोशिश हुई।
महिला द्वारा सही समय पर विरोध किया गया और तत्काल उस महिला ने अपने गले में फंसे अपराधी के हाथ को अपने हाथों से पकड़ लिया।
इस बीच महिला के द्वारा जोर से चिल्लाने पर बौखलाए हुए अपराधी ने पिस्तौल निकाल कर फायरिंग कर दी। जिस महिला के साथ यह घटना हुई है, वह महिला रामलीला मैदान के ठीक सामने टाटा स्टील के क्वार्टर में रहती है और रामलीला मैदान के पास दूध का व्यवसाय करने वाले एक व्यवसायी से दूध लेकर लौट रही थी।
शायद उस दूध की उस महिला को बट सावित्री पूजा में पूजा सामग्री के तौर पर जरूरत रही होगी।
ऐसी सूचना है कि मौके पर पुलिस भी पहुंची, किंतु महिला द्वारा थाना में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराए जाने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
वहां मौजूद सूत्रों ने बताया कि चेन छिनतई के प्रयास की घटना हुई है, लेकिन महिला द्वारा विरोध करने पर अपराधी अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए और अपने आप को घिरता देखकर फायरिंग की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
इस तरह की घटनाएं शहर में लगातार हो रही हैं और सबसे बड़ी बात है की घटनास्थल से मात्र 10 मीटर की दूरी पर काशीडीह टी.ओ. पी. है और वहां नियम से 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी होनी चाहिए ।
परंतु ऐसी भी सूचना है कि वहां मौजूद पुलिस ओल्ड बाराद्वारी मैदान में लगने वाले गरीब सब्जी विक्रेताओं से अवैध वसूली में लिप्त रहते हैं। साथ ही साथ सब्जी ढोकर लाने वाले गाड़ियों से भी उनकी अवैध वसूली जारी रहती है।
जब पुलिस अपनी सारी ऊर्जा इस तरह की अवैध वसूली में खर्च करेगी तो सड़क पर चल रही महिलाओं की रक्षा कौन करेगा, यह तो पुलिस के आला अधिकारी बता पाएंगे।

