53वां JOGS वार्षिक सम्मेलन…..
जमशेदपुर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (JOGS) का 53वां वार्षिक सम्मेलन 15 और 16 अगस्त 2026 को जमशेदपुर स्थित होटल रामाडा में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों ने भाग लिया। दो दिवसीय सम्मेलन में शैक्षणिक चर्चा, व्यावहारिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक विचार-विमर्श और पेशेवर सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया।
सम्मेलन का मुख्य विषय “Beyond the Edge: Obstetric Emergencies & Critical Care” रहा। इसके माध्यम से प्रसूति संबंधी जानलेवा आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सकों की तैयारी, व्यावहारिक दक्षता और क्लिनिकल कौशल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न प्रैक्टिकल वर्कस्टेशन आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों को प्रसूति आपात स्थितियों के दौरान आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित और मजबूत करने का अवसर मिला। इनमें प्रमुख रूप से—
गर्भावस्था में मातृ कार्डियक अरेस्ट एवं CPR
प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (PPH) का सर्जिकल प्रबंधन शोल्डर डिस्टोसिया का प्रभावी प्रबंधन प्रसूति में एयरवे एवं ऑक्सीजन थेरेपी शामिल रहे।
सम्मेलन में विशेषज्ञ अतिथि वक्ताओं के रूप में डॉ. भास्कर पाल, डॉ. पी. सी. महापात्रा, डॉ. साधना गुप्ता, डॉ. भाग्यलक्ष्मी नायक, डॉ. सुजीत बेहरा, डॉ. रहमान, डॉ. आशीष मुखोपाध्याय सहित कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।
JOGS के उद्घाटन समारोह में सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. मौसुमी दास घोष ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
औपचारिक उद्घाटन समारोह में डॉ. भास्कर पाल मुख्य अतिथि तथा डॉ. पी. सी. महापात्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. रेणुका चौधरी, डॉ. रेणुका कुमार और डॉ. एच. के. साहू को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (VTE) इन ऑब्स्टेट्रिक्स विषय पर डॉ. भास्कर पाल, अध्यक्ष FOGSI, का मुख्य व्याख्यान रहा। उन्होंने गर्भावस्था और प्रसव के बाद VTE के जोखिम कारकों की पहचान तथा इस संभावित रूप से जानलेवा स्थिति को लेकर चिकित्सकों में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं, डॉ. पी. सी. महापात्रा ने “Vaginal Myomectomy – A Challenge to Gynecologist” विषय पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व्याख्यान दिया। उन्होंने योनि मार्ग से मायोमेक्टॉमी की चुनौतियों और इससे जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन के समापन सत्र में JOGS के वर्तमान कार्यकाल के दौरान सोसाइटी द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
53वें JOGS वार्षिक सम्मेलन ने अकादमिक ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और पेशेवर संवाद को एक मंच पर लाने का सफल प्रयास किया। सम्मेलन ने निरंतर चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सकीय आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी, पेशेवर उत्कृष्टता और सुरक्षित मातृत्व के प्रति सोसाइटी की प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत किया।

