छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता – अटल जी का यह जीवन-सार मेरे जीवन का ध्येय है : अमरप्रीत सिंह काले
अटल जी का विराट व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा का आदर्श सदैव हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा : अमरप्रीत सिंह काले
जमशेदपुर : पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित होकर भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने अटल जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर श्री काले ने कहा कि “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता”—अटल जी का यह जीवन-सार मेरे लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का ध्येय है। उन्होंने हमें सिखाया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, मनोबल, सिद्धांत और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता कभी कमजोर नहीं पड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के ऐसे विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी नेतृत्व, संवेदनशील विचारों, राष्ट्रभक्ति और अद्वितीय वक्तृत्व शैली से देश के सार्वजनिक जीवन पर अमिट छाप छोड़ी। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन और सामाजिक समरसता के प्रति समर्पित रहा।
श्री काले ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में सिद्धांत, मर्यादा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया। वे सत्ता को साध्य नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का माध्यम मानते थे। उनका व्यक्तित्व विरोधियों के प्रति सम्मान, विचारों में दृढ़ता और व्यवहार में संवेदनशीलता का अद्भुत संगम था।
उन्होंने कहा कि अटल जी के विचार आज भी देश की युवा पीढ़ी सहित हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक आस्था और सेवा भावना सदैव हमारे मार्गदर्शन का प्रकाशस्तंभ बनी रहेगी।
श्री काले ने कहा कि अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके बताए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्रहित, समाजहित और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करें तथा अपने आचरण और कर्मों से उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएं।


