केंद्रीय बजट 2026 : वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विकास और विश्वास का संतुलित रोडमैप
जमशेदपुर | नई दिल्ली
माननीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 को वर्तमान वैश्विक राजनीतिक एवं आर्थिक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया एक दूरदर्शी, संतुलित और विकासोन्मुखी बजट बताया गया है।
बजट में देश की कनेक्टिविटी को नई गति देने हेतु 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है, जो लॉजिस्टिक्स, व्यापार एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शहरी बुनियादी ढांचे को सशक्त करने के लिए नगर पालिका बॉन्ड्स को बढ़ावा देने का निर्णय भी सराहनीय है।
पूर्वी भारत के विकास को ध्यान में रखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना तथा रांची में मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल की घोषणा क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
कर सुधारों के क्षेत्र में नया आयकर संहिता (New Income Tax Code) 1 अप्रैल से लागू करने की घोषणा का स्वागत किया गया है, जिसे सरलता और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर पुनः डिजाइन किया गया है।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम को टीडीएस से मुक्त करने का निर्णय पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करेगा। वहीं विदेशी आय के लिए डिस्क्लोजर स्कीम कर अनुपालन को प्रोत्साहित करेगी।
आयकर अपीलों से संबंधित सुधारों को करदाताओं के लिए राहतकारी बताया गया है। लंबित अपीलों के दौरान संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अनुमति एक सकारात्मक कदम है।
कर अपराधों के डी-क्रिमिनलाइजेशन का निर्णय स्वागतयोग्य है, जिससे करदाता और कर संग्रहकर्ता के बीच विश्वास बढ़ेगा। साथ ही क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स एवं डेटा सेंटर्स को टैक्स हॉलिडे देने की घोषणा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत को डिजिटल हब बनाने की दिशा में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।
इस अवसर पर एडवोकेट पीयूष कुमार चौधरी ने कहा कि “केंद्रीय बजट 2026 विकास, निवेश और विश्वास पर आधारित है। वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता और नई दिशा प्रदान करता है। कर सुधारों एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से व्यापार और उद्योग जगत को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।”
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 को विकास, समावेशन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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पीयूष कुमार चौधरी
एडवोकेट


