टीएमएच ने उन्नत कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला से सुसज्जित नई हार्ट केयर यूनिट समर्पित की…..

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टीएमएच ने उन्नत कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला से सुसज्जित नई हार्ट केयर यूनिट समर्पित की

जमशेदपुर:

टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ने अत्याधुनिक कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला से सुसज्जित नई हार्ट केयर यूनिट के उद्घाटन के साथ अपनी हृदय संबंधी चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत एवं विस्तारित किया है।टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज, डी. बी. सुंदरा रामम ने गुरुवार, 17 सितंबर को इस नई यूनिट का उद्घाटन किया।

यह यूनिट हृदय संबंधी चिकित्सा सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराती है। इस अवसर पर संजीव कुमार चौधरी, अध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।अपग्रेड की गई यूनिट में हृदय संबंधी सभी चिकित्सा सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया है। इस नवीनीकृत यूनिट का प्रत्येक बेड क्रिटिकल केयर बेड के रूप में कार्य करने के लिए सुसज्जित है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मरीजों की लगातार निगरानी और वेंटिलेशन की सुविधा मिल सकेगी।

इससे ऐसे मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के किसी अन्य हिस्से में स्थानांतरित करने के बजाय, उसी स्थान पर तुरंत उच्चस्तरीय उपचार और आवश्यक देखभाल प्रदान की जा सकेगी।अपग्रेड की गई यूनिट से अस्पताल की 24×7 प्राइमरी एंजियोप्लास्टी और आपातकालीन हृदय चिकित्सा सेवाओं की क्षमता और मजबूत हुई है। ये सुविधाएं आम जनता के साथ-साथ टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध हैं, जिससे जमशेदपुर, कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों के मरीज लाभान्वित होंगे।टीएमएच की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज, डॉ. विनिता सिंह ने कहा “यह केवल एक नई प्रयोगशाला की स्थापना नहीं, बल्कि हृदय संबंधी चिकित्सा सेवाओं का उन्नयन है।

पहले कार्डियक केयर की सेवाएं कई अलग-अलग वार्डों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब इन्हें एक ही यूनिट में समेकित किया गया है, जहां प्रत्येक बेड पर मरीज की निगरानी की सुविधा है और वेंटिलेटर की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके साथ ही अत्याधुनिक कैथ-लैब भी मौजूद है।”कार्डियक साइंसेज विभाग के चीफ कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मंदार महावीर शाह ने कहा “इन अत्याधुनिक मशीनों और चिकित्सा प्रक्रियाओं के पीछे एक समर्पित टीम की अहम भूमिका है। अकेले हम थोड़ा-बहुत कर सकते हैं, लेकिन मिलकर हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।

जब हमने 2015 में शुरुआत की थी, तब हमारी टीम छोटी थी और हमारे पास केवल एक कैथ-लैब थी। आज हम जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसे देखकर बेहद संतोष और गर्व का अनुभव होता है।”विभाग का यह विस्तार टीएमएच में हृदय संबंधी चिकित्सा सेवाओं के अगले चरण की दिशा भी तय करता है। भविष्य की योजनाओं में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, अधिक सर्जिकल जोखिम वाले मरीजों के लिए TAVR और TEER जैसी ट्रांसकैथेटर वाल्व प्रक्रियाएं, हृदय की धड़कन से जुड़े जटिल विकारों के लिए 3D मैपिंग तथा कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) कार्यक्रम शामिल हैं।

यह अपग्रेड टीएमएच में मार्च 2015 में शुरू हुए कार्डियक इंटरवेंशन प्रोग्राम के एक दशक से अधिक समय बाद किया गया है। एक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और एक कैथ-लैब से शुरू हुई यह पहल आज कार्डियक साइंसेज विभाग के रूप में विकसित हो चुकी है। वर्तमान में विभाग में चार कार्डियोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें कार्डियक नर्सों, कैथ-लैब तकनीशियनों और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम का सहयोग प्राप्त है।विभाग की स्थापना के बाद से अब तक 22,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं।

एंजियोप्लास्टी की संख्या वर्ष 2015 में 245 से बढ़कर 2025 में 934 हो गई है। एंजियोग्राफी, पेसमेकर इम्प्लांट और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी प्रक्रियाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यह विस्तार टीएमएच में विभाग की क्लिनिकल क्षमताओं के साथ-साथ उपलब्ध कार्डियक इंटरवेंशन सेवाओं के दायरे में हुई वृद्धि को दर्शाता है।टीएमएच ने हृदय संबंधी चिकित्सा के क्षेत्र में कई ऐसी सुविधाएं और तकनीकें शुरू की हैं, जो झारखंड में पहली बार उपलब्ध हुईं। कार्डियक इंटरवेंशन प्रोग्राम शुरू होने के छह महीने के भीतर ही, टीएमएच झारखंड का पहला केंद्र बन गया, जहां एक समर्पित इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी प्रयोगशाला स्थापित की गई।

इसके बाद टीएमएच ने राज्य का पहला लीडलेस पेसमेकर भी शुरू किया। यह कैप्सूल के आकार का एक उपकरण है, जिसे बिना किसी तार के सीधे हृदय के अंदर प्रत्यारोपित किया जाता है। इसके अलावा, टीएमएच ने लेफ्ट बंडल ब्रांच पेसिंग की सुविधा भी शुरू की, जिसमें हृदय की अपनी प्राकृतिक विद्युत संवहन प्रणाली का उपयोग किया जाता है।2019 में, टीएमएच राज्य का पहला केंद्र बना, जहां हाई-डेफिनिशन इंट्रावैस्कुलर इमेजिंग और प्रेशर-वायर असेसमेंट की सुविधा अस्पताल में ही उपलब्ध कराई गई। 2024 में, टीएमएच ने इंट्रावैस्कुलर लिथोट्रिप्सी की सुविधा भी शुरू की, जिसमें अत्यधिक अवरुद्ध धमनियों में जमा कैल्शियम को तोड़ने के लिए शॉकवेव्स का उपयोग किया जाता है।

वर्तमान में, टीएमएच झारखंड में सबसे अधिक रोटाब्लेशन प्रक्रियाएं करने वाला केंद्र है।क्लिनिकल सेवाओं के साथ-साथ, विभाग ने अपनी शैक्षणिक क्षमताओं को भी मजबूत किया है। इसके तहत नेशनल बोर्ड से मान्यता प्राप्त DrNB सुपर-स्पेशियलिटी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष दो सीटें हैं।

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