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तिरुपति मंदिर के लड्डू में चर्बी होने की पुष्टि, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने किया कन्फर्म
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की रिपोर्ट में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू में मिलावट को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, तिरुपति मंदिर का लड्डू बनाने में मछली का तेल, बीफ और चर्बी का इस्तेमाल किया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि प्रसाद के तौर पर इन लड्डुओं का वितरण न केवल श्रद्धालुओं के बीच किया गया, बल्कि भगवान को भी प्रसाद के तौर पर यही लड्डू चढ़ाया जाता था|
धर्म को पैसा कमाने का दंगल समझने वाले कुछ परजीवी गण समाज में इस तरह मौजूद हैं, जैसे मानव शरीर में वायरस और बैक्टीरिया की मौजूदगी होती है।
ऐसे लोगों का फोकस सिर्फ पैसे कमाना है। चाहे इसके लिए गौ मांस का व्यापार करना पड़े, चाहे पशु चर्म का व्यापार करना पड़े या फिर लोक आस्था का महाद्वार तिरुपति बालाजी जैसे देव का द्वार ही क्यों ना हो।
ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके राजनीतिक आकाओं को भी नहीं बक्शा जाए। भले ही कितने कठोर निर्णय लेने पड़ें।
क्योंकि आखिरकार यह हिंदू धर्म के आस्था का सवाल है।



