ये तस्वीर इतिहास में दर्ज हो चुकी है…
नेपाल की संसद धू-धू कर जल रही है।
भ्रष्टाचार का साम्राज्य राख हो रहा है।
बेरोज़गारी की चिता धधक रही है।
महंगाई का रावण जलकर भस्म हो रहा है।
सिर्फ़ 48 घंटे और नेपाल के युवाओं ने इतिहास लिख दिया—
🔥 नेताओं के महल जला दिए
🔥 गोलियों और कर्फ़्यू के बीच भी आंदोलन नहीं रुका
🔥 प्रधानमंत्री को कुर्सी छोड़नी पड़ी
🔥 संसद की दीवारें आग में समा गईं
ये केवल ग़ुस्से की लपटें नहीं…
👉 ये चेतावनी है कि जब सरकार जनता को हल्के में लेती है, तो लोकतंत्र सीधे विद्रोह में बदल जाता है।
याद कीजिए—
🔹 श्रीलंका में महंगाई और कर्ज़ ने राष्ट्रपति राजपक्षे को भागने पर मजबूर किया।
🔹 बांग्लादेश में छात्रों के आंदोलन ने सत्ता की नींव हिला दी।
आज वही आग नेपाल में धधक रही है…
कल ये किसी भी देश को जला सकती है।
⚡ जनता की ताक़त से बड़ा कोई ताज नहीं।
⚡ और युवाओं का ग़ुस्सा जब फूटता है… तो वो न माफ़ करता है, न भूलता है।



