जमशेदपुर।
जुगसलाई चौक स्थित महाबीर सिंह मार्केट कॉम्प्लेक्स में लंबे समय से चल रहे दुकान के कब्जे संबंधी विवाद का न्यायालय के आदेश से निष्पादन किया गया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किरायेदार ताराचंद जैन की दुकान का कब्जा मकान मालिक की ओर से डिक्री होल्डर सत्येंद्र सिंह को पुलिस बल एवं न्यायालय के नाजिर राकेश कुमार की मौजूदगी में दिलाया गया।
बताया गया कि उक्त दुकान को लेकर किरायेदार एवं मकान मालिक के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मकान मालिक पक्ष के अनुसार, किरायेदार द्वारा वर्ष 2011 से दुकान का किराया नहीं दिया जा रहा था तथा दुकान पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया जा रहा था।
मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट की सिविल जज शिवांगी प्रिया की अदालत द्वारा कब्जा दिलाने संबंधी आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश के अनुपालन में न्यायालय के नाजिर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में दुकान का कब्जा डिक्री होल्डर को सौंपा गया।
मकान मालिक सत्येंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता उर्वशी सिन्हा एवं पंकज कुमार सिन्हा ने बताया कि किरायेदार द्वारा लंबे समय से किराया नहीं दिए जाने तथा दुकान पर मालिकाना हक का दावा किए जाने के कारण न्यायालय में मामला चला। उन्होंने बताया कि किरायेदार द्वारा उच्च न्यायालय में भी मामले को चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद न्यायालय के आदेश के तहत कब्जे की कार्रवाई पूरी की गई।

न्यायालय के आदेश पर महाबीर सिंह मार्केट की दुकान का कब्जा दिलाया गया…..
जमशेदपुर।
जुगसलाई चौक स्थित महाबीर सिंह मार्केट कॉम्प्लेक्स में लंबे समय से चल रहे दुकान के कब्जे संबंधी विवाद का न्यायालय के आदेश से निष्पादन किया गया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किरायेदार ताराचंद जैन की दुकान का कब्जा मकान मालिक की ओर से डिक्री होल्डर सत्येंद्र सिंह को पुलिस बल एवं न्यायालय के नाजिर राकेश कुमार की मौजूदगी में दिलाया गया।
बताया गया कि उक्त दुकान को लेकर किरायेदार एवं मकान मालिक के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मकान मालिक पक्ष के अनुसार, किरायेदार द्वारा वर्ष 2011 से दुकान का किराया नहीं दिया जा रहा था तथा दुकान पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया जा रहा था।मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट की सिविल जज शिवांगी प्रिया की अदालत द्वारा कब्जा दिलाने संबंधी आदेश पारित किया गया था।
उक्त आदेश के अनुपालन में न्यायालय के नाजिर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में दुकान का कब्जा डिक्री होल्डर को सौंपा गया।मकान मालिक सत्येंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता उर्वशी सिन्हा एवं पंकज कुमार सिन्हा ने बताया कि किरायेदार द्वारा लंबे समय से किराया नहीं दिए जाने तथा दुकान पर मालिकाना हक का दावा किए जाने के कारण न्यायालय में मामला चला।
उन्होंने बताया कि किरायेदार द्वारा उच्च न्यायालय में भी मामले को चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद न्यायालय के आदेश के तहत कब्जे की कार्रवाई पूरी की गई।

