Humayun kabir- यह व्यक्ति 2018 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में रहा।
9 नवम्बर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, तब भी यह व्यक्ति भाजपा में ही था।
आज यह बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहा है, लेकिन इसकी असली वजह साफ़ है:
बंगाल में चुनाव क़रीब हैं और ऐसे बयानों से राजनीति में धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ता है, जिसका सीधा फ़ायदा भाजपा को मिलता है।
हक़ीक़त यह है कि इसने न तो कभी कोई मदरसा बनाया और न कोई मस्जिद;
अब अचानक बाबरी नाम से मस्जिद बनाने की बात करना सिर्फ़ एक राजनीतिक चाल नज़र आता है।
इस पूरे मामले में इसकी भाजपा से संभावित मिलीभगत साफ़ दिखाई देती है,
और अफ़सोस की बात यह है कि हमारे सीधे-सादे मुसलमान इसकी बातों का बिना समझे समर्थन कर रहे हैं।।



