शर्मनाक…
परिवहन मंत्री मैदान में बल्ला भांजते रहे और इधर सड़क दुर्घटना में पति के बाद पत्नी की भी मौत….
सिस्टम ही कातिल व्यवस्था ही हत्यारा….
कल दिनांक 10 जनवरी 2026 को जब झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा कोऑपरेटिव कॉलेज ग्राउंड में क्रिकेट की पिच पर बल्ला भांज रहे थे, ठीक उसी वक्त कातिल यातायात व्यवस्था की वेदी पर एक दंपति बलि चढ़ गया।
दरअसल जमशेदपुर शहर की यातायात व्यवस्था खूनी हो चुकी है। आए दिन किसी न किसी घर की खुशियां इस खूनी सिस्टम के कातिल पंजों की मार से कराहता रहता है।
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए अविलंब राज्य सरकार को एक तेज तर्रार प्रशिक्षु आईपीएस को यातायात एसपी के रूप में पदस्थापित करना चाहिए।
रिश्वत, पैरवी और मध्यम वर्ग से वसूली के संगम से बनकर तैयार हुई इस त्रिशंकु व्यवस्था को अब बदलाव चाहिए।
मध्यम वर्ग हर दिन घर से बाहर निकलता है तो वह खौफ के साए में सफर करता है। उसे यह पता नहीं होता कि वह सही सलामत घर को लौटेगा भी या नहीं।
अव्यवस्थित यातायात को व्यवस्थित और नियंत्रित करना वर्तमान में संभव दिखाई नहीं देता।
पूरे सड़क पर तीन पहिया वाहन चालकों का एक छत्र राज है। किसी पुलिस अधिकारी की हिम्मत नहीं कि इन्हें नियंत्रित कर सकें।
सड़क किनारे खड़ी बड़ी-बड़ी बसे खुल्लम खुल्ला ऐलान करती हुई मिल जाएगी कि हमें तुम्हारी परवाह नहीं।
दरअसल जिला यातायात पुलिस में दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी साफ झलकती है। बहुत सख्त जरूरत है इस पूरे सिस्टम को बदलने की।




