रंभा शैक्षणिक संस्थान और झारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को संस्थान परिसर में ‘सूचना का अधिकार दिवस 2026’ के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन…..

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सरकारी सुविधाओं से किसी व्यक्ति का वंचित रहना पूरे समाज को प्रभावित करता है : कर्नल नीलांबर झारंभा

शैक्षणिक संस्थान में सूचना का अधिकार दिवस पर संगोष्ठी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया गया जोर

जमशेदपुर।

रंभा शैक्षणिक संस्थान और झारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को संस्थान परिसर में ‘सूचना का अधिकार दिवस 2026’ के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) को लोकतंत्र में पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को इसके प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड के अध्यक्ष कर्नल नीलांबर झा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित रहता है, तो इसका असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सुरक्षा के बिना मानवाधिकार भी सुरक्षित नहीं रह सकते। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उसके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।

आरटीआई से सरकारी योजनाओं और कार्यों की गुणवत्ता की मिल सकती है जानकारी : विकास श्रीवास्तवप्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के महासचिव विकास श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सरकारी कार्यों की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है। इसके माध्यम से नागरिक सरकारी कार्यों की स्थिति और उनके क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आरटीआई का उपयोग जनहित में जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इसके दुरुपयोग से बचना भी उतना ही जरूरी है, जितना अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना।विद्यार्थियों को आरटीआई के उपयोग के लिए करें प्रेरित : मनोज सिंहविशिष्ट अतिथि, झारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य मनोज सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को सूचना के अधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

जागरूक युवा आरटीआई के माध्यम से समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अधिकारों के प्रति जागरूकता को सामाजिक बदलाव का अहम माध्यम बताया।पारदर्शी प्रशासन के लिए जरूरी है सूचना का अधिकार : दिनेश कुमार किनुझारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश कुमार किनु ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता होना आवश्यक है।

सूचना का अधिकार आम नागरिकों को सरकारी व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। उन्होंने आरटीआई आवेदन भरने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इसके व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।संस्था के कार्यों और उद्देश्यों की दी जानकारीझारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन, जमशेदपुर के अध्यक्ष मनोज किशोर ने संस्था के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी दी।

उन्होंने मानवाधिकारों के संरक्षण और आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के महत्व पर प्रकाश डाला।प्रश्न पूछना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा : डॉ. कल्याणी कबीरसंस्थान की प्राचार्या डॉ. कल्याणी कबीर ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रश्न पूछना हमारी सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन एवं अभिन्न हिस्सा है। महाभारत का दृष्टांत देते हुए उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर में ही भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। हमारी संस्कृति में जिज्ञासा, तर्क और प्रश्न पूछने को हमेशा महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

लोकतंत्र में भी सवाल पूछने की यही परंपरा नागरिकों को सशक्त बनाती है।युवाओं से अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की अपीलसंस्थान के अध्यक्ष राम बचन ने अध्यक्षीय संबोधन में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का आह्वान किया।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर किया गया।

इसके बाद छात्रा ऐश्वर्या भंज ने कबीर के नीतिपरक दोहों पर आधारित भजन प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुमन लता ने किया।संगोष्ठी के अंतिम चरण में फीडबैक एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने आरटीआई आवेदन की प्रक्रिया और इसके व्यावहारिक उपयोग से जुड़ी चुनौतियों पर अतिथियों से सवाल पूछे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।कार्यक्रम का समापन नर्सिंग विभाग की व्याख्याता पूनम जोजो के धन्यवाद ज्ञापन और संगीत शिक्षक रॉनित रॉय द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ।

इस अवसर पर डॉ. गंगा भोला, डॉ. रश्मि लुगुन, डॉ. भूपेश चंद्र, डॉ. दिनेश यादव, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. किशन कुमार शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर शीतल कुमारी, अमृता सुरीन, मंजू गागराई, डॉ. किरण प्रवीण, डॉ. मानस मंडल, शिखा सामंता सहित संस्थान के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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