कौन है जमशेदपुर की पत्रकारिता का “जयचंद”, बिलाव को दे दी गई दूध के रखवाली की जिम्मेदारी…..
अपनी दबी हुई महत्वाकांक्षा और अय्याशी को पूरा करने के लिए प्रशांत उर्फ पुतुल ने सबसे बढ़िया माध्यम चुना “प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर” को।
वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास ने विवाद रहित 7 साल का कार्यकाल प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष के रूप में पूरा किया, परंतु अवसर और कुटिलता का कॉकटेल बनाते हुए पुतुल ने अपने चंद समर्थकों को इकट्ठा कर बगैर किसी भी तरह के चुनावी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने चंद समर्थकों की मौजूदगी में खुद को प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर का अध्यक्ष घोषित करवा लिया।
पुतुल के इस कदम ने पत्रकार जगत को हतप्रभ कर दिया और बुद्धिजीवी पत्रकारों की टोली ने पुतुल को अपना अध्यक्ष मानने से इनकार कर दिया, और अपनी खुद की अलग राह चुनकर अपना खुद का संगठन खड़ा कर लिया,परंतु तर्कसंगत तरीके से।
खुद को अध्यक्ष घोषित करवाने के साथ ही शुरू हुई पुतुल की हिटलर शाही। लकवाग्रस्त शरीर और दिमाग ने सही और गलत को समझना बंद कर दिया और फिर शुरू हुआ प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष के तौर पर पत्रकारों को ही प्रताड़ित और मानसिक यातना देने का खेल।
जिसने भी पुतुल की बात नहीं मानी उसको रास्ते से हटाने और अपमानित करने का घृणित खेल का आरंभ हो गया। इसी कड़ी में जादूगोड़ा के वरिष्ठ पत्रकार आशीष गुप्ता को पुतुल ने अपने राडार पर लिया।
प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष होने की आड़ में कॉर्पोरेट दलाली का मास्टरमाइंड बनकर उभरा प्रशांत उर्फ पुतुल।
आशीष गुप्ता ने पुतुल के सभी अनैतिक कामों में उसका पार्टनर बनने से इनकार कर दिया।
परिणाम यह हुआ कि आशीष गुप्ता के ऊपर फर्जी एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करवाया गया और प्रशासन को गुमराह करते हुए प्रेस क्लब और जमशेदपुर के लेटर पैड पर पत्र जारी करते हुए आशीष गुप्ता को पत्रकार ही नहीं बताया गया।
प्रशांत उर्फ पुतुल के हस्ताक्षर से जारी ये पत्र पुलिस रिकॉर्ड में संलग्न है और इस बदनियत इंसान की करगुजारियों की पोल खोलने के लिए काफी है।
इस प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि पत्रकार आशीष गुप्ता के खिलाफ प्रशांत सिंह पुतुल ने जो पत्राचार किया उसपर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई । क्योंकि किसी भी सरकारी संस्था ने उसे कोई महत्व ही नहीं दिया ।
मगर ये बात साबित हो गई कि प्रशांत पुतुल के प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के गठन के पीछे एकमात्र उद्देश्य था अपने ब्लैकमेलिंग गैंग को मजबूत करके ताकतवर पत्रकारों को अपना सिपाही बनाना । पत्रकार आशीष गुप्ता ने उससे इंकार किया तो पुतुल ने उनके खिलाफ पत्राचार करके वरीय पुलिस पदाधिकारियों को गुमराह करना शुरू किया ।
सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न ये है कि पुतुल से पत्रकार आशीष गुप्तके खिलाफकिसने वो पत्र मांगा था ? सीधा सा जवाब है किसी ने नहीं । मतलब साफ था ईमानदार और प्रभावशाली पत्रकार को दवाब देकर अपने गैंग का हिस्सा बनाना।
मगर पत्रकार आशीष गुप्ता ने साफ कर दिया है कि वो प्रशांत पुतुल जैसे दो कौड़ी के ब्लैकमेलर को उसकी औकात दिखा देंगे। उसका काला साम्राज्य का अब अंत निश्चित है । इसके लिए हर वैधानिक प्रक्रिया अपनायी जा रही है ।
सवाल यह है कि ऐसा बहूरुपिया जो कि खुद कभी पत्रकार नहीं रहा, जिसने खुद कभी पत्रकारिता नहीं की, जो खुद फर्जी तरीके से प्रेस क्लब जमशेदपुर का अध्यक्ष बन बैठा वही दूसरे असल पत्रकारों के अस्तित्व पर असल नकल की मोहर लगा रहा है।
प्रशांत उर्फ पुतुल वही व्यक्ति है जिसने देवघर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फर्जी पास बनवाया था।
पत्रकार आशीष गुप्ता पिछले 30 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय है जिसका विवरण नीचे दिया जा रहा है…..
- News Paper – Awaz Hindi Daily,
Designation: Correspondent
Duration: 1996 – 2000 - News Paper – Jharkhand Jagran Hindi Daily
Designation: Spl. Correspondent.
Duration: 2000 – 2001 - News Paper – Daainik Jagran Hindi Daily
Designation: Sr. Correspondent.
Duration: 2002 – 2003 - Channel Name : Sahara Samay Bihar / Jharkhand
Designation : Correspondent
Duration :- 2004 – 2007 - Channel Name – Sadhna News Bihar / Jharkhand
Designation : Correspondent
Duration :- 2008 – 2015 - Channel Name : News India Bihar / Jharkhand
Designation : Correspondent
Duration :- 2016 – 2018 - Channel Name : Ajaya Bharat News Channel
Designation : Correspondent
Duration :- 2019 – 2020
कौन है आशीष गुप्ता …?
आशीष गुप्ता 1996 से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रीय हैं l इन्होने आवाज़ हिंदी दैनिक समाचार पत्र से अपने करियर की शुरुआत की थी l इसके बाद इन्होने अपने परिश्रम और लगन से पूर्वी सिंहभूम जिले के पत्रकारिता जगत में अपना स्थान बनाया l
समाचार पत्रों के साथ – साथ इन्होने सहारा समय , टाइम्स नाउ , साधना न्यूज जैसे राष्ट्रीय टी वी चैनलों में वरीय संवाददाता के रूप अपनी सेवाएं दी l
इसके अलावा ये समाजसेवा के क्षेत्र में भी काफी लम्बे समय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं l लगातार पांच वर्षों से पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति के वरीय उपाध्यक्ष हैं l
जादूगोड़ा के नवरंग मार्केट दुर्गा पूजा कमिटी के लगातार पांच वर्षों तक अध्यक्ष रहे हैं l कोरोना काल में इनके द्वारा दुर्गा पूजा का सीलबंद भोग वितरण के लिए तत्कालीन उपायुक्त द्वरा इनकी सराहना की जा चुकी है l हर वर्ष पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति जिला प्रशासन के साथ मिलकर पूरे जिले में दुर्गा पूजा संपन्न करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है l इसमें आशीष गुप्ता की काफी सक्रीय भूमिका रहती है l
प्रेस क्लब के गठन के क्या होते हैं उद्देश्य….?
प्रेस क्लब का गठन मुख्य रूप से पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, उनके पेशेवर विकास और उन्हें एक साझा मंच प्रदान करने के लिए किया जाता है।
यह मीडियाकर्मियों के बीच भाईचारे, सूचना के आदान-प्रदान और स्वतंत्र पत्रकारिता को बढ़ावा देने में मदद करता है ।
मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:—-
पत्रकारों का कल्याण: सदस्यों के स्वास्थ्य, बीमा, और व्यक्तिगत या पारिवारिक आपात स्थिति में सहायता प्रदान करना
स्वतंत्रता की रक्षा: स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस (Freedom of the Press) को बढ़ावा देना और पत्रकारों पर होने वाले हमलों या दबाव के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना。
नेटवर्किंग और संवाद: मीडियाकर्मियों, संपादकों, और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच चर्चा, संगोष्ठी (seminar) और प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए एक अनुकूल स्थान उपलब्ध कराना।
पेशेवर प्रशिक्षण: नए पत्रकारों को बेहतर लेखन, संपादन (editing) और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करना।
सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन: व्यस्त दिनचर्या के बाद पत्रकारों के लिए मनोरंजन, पुस्तकालय (library) और एक सुरक्षित सामाजिक माहौल तैयार करना।
प्रशांत उर्फ पुतुल ने पहली बार जब चुनाव लड़ा प्रेस क्लब जमशेदपुर के अध्यक्ष के तौर पर तो उसे करारी हार का सामना करना पड़ा।
प्रशासन को ऐसे लोगों को बढ़िया से चिन्हित कर अपने आसपास भटकने से भी मना करना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग खुद तो पत्रकार नहीं होते हुए पत्रकारिता की दुनिया में ठेकेदारी प्रथा चलाते हैं और वास्तविक पत्रकारों को हानि पहुंचाने का काम करते हैं।
क्रमशः ……
अगले अंक में मीडिया कप की आड़ में अवैध उगाही की पोल खोलेंगे…..




