मानगो बस स्टैंड में डिपार्टमेंटल पार्किंग के नाम पर राजीव कुमार उर्फ सिंटू सिंह की खुलेआम वसूली, 2023 के आदेश के आधार पर जारी है 2026 में भी करोड़ों की अवैध उगाही…..
गरीब मध्यम वर्ग दिनभर की दिहाड़ी कमाने के लिए पानी भात खाकर भी अपने खून को दिन भर मेहनत की भट्टी में जलाकर किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर पाता है। पूंजीपतियों की हिकारत भरी नजरों के तीर से घायल होकर भी वह उफ्फ नहीं करता।
वहीं दूसरी और भ्रष्टाचार की चाशनी में आकंठ डूबे सरकारी व्यवस्था की अवैध कोख से जन्मे कुछ परजीवी इन परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाते हुए करप्शन के इकोसिस्टम पर पूरा अधिकार जमाए बैठे हैं।
पिछले कुछ सालों से सरकारी मिली भगत का बेजोड़ नमूना के रूप में शहर की पार्किंग व्यवस्था मैनेज हो रही है। पार्किंग का टेंडर नहीं करवा कर डिपार्टमेंटल पार्किंग के नाम पर भ्रष्टाचार की इस काली गंगा में डुबकी लगाने का कोई भी अवसर खाली नहीं जा रहा।
जमशेदपुर शहर का एकमात्र बस स्टैंड के रूप में प्रसिद्ध मानगो बस स्टैंड इसी काली गंगा का पर्यायवाची बनकर व्यवस्था को मुंह चढ़ा रहा है।
वर्ष 2023 के सरकारी आदेश को अपना कवच बनाकर रंगदारी और छिनतई जैसे शब्दों को डिपार्टमेंटल पार्किंग के नाम पर वैध बनाने की कोशिश जारी है।
प्रतिदिन मानगो बस स्टैंड से (जैसा कि सूत्रों ने बताया) ₹70000/- के करीब वसूली हो रही है।
इन पैसों में से जेएनएसी को सिर्फ ₹25000 के करीब मिल रहे हैं। बाकी के प्रतिदिन 45000 रुपए के करीब (जो रकम साल के करीब 1 करोड़ साठ लाख लगभग होती है) अवांछित वसूलीकर्ता राजीव कुमार उर्फ चिंटू सिंह एंड कंपनी के जेब में जाती है।
इंतेहा तो तब होने लगी जब गरीब ठेले वालों से प्रतिदिन ₹100 की पाप की वसूली होने लगी। साथ ही यात्री बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों से 170 रुपए प्रति लगेज के हिसाब से अतिरिक्त उगाही की जाने लगी।
इसके साथ ही ऑटो चालकों को स्टैंड में प्रवेश देने पर इनसे भी एक्स्ट्रा चार्ज लिया जा रहा है। कुल मिलाकर राजीव कुमार सिंह उर्फ चिंटू सिंह एंड कंपनी के वेतन भोगी और असामाजिक वसुलीकर्ताओं की टोली का पूरा खौफ मानगो बस स्टैंड में कायम हो चुका है।
देखने वाली बात यह होगी कि करप्शन की इस कुंभकर्णी नींद में सोए प्रशासन की आंखें कब खुलती हैं और कब मध्यम वर्ग चैन की सांसे ले सकेगा?
विशेष– सूत्रों ने बताया की परसों मानगो बस स्टैंड से एक नई नवेली ‘बबुआन’ बस की शुरुआत सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा के हाथों से संपन्न होने के बाद अतिरिक्त वसूली का जोरदार विरोध बस के मालिक गुड्डू सिंह के द्वारा किया गया।


