संत अंतरराष्ट्रीय कलम के सिपाही प्रतियोगिता-2026’ का परिणाम घोषित।
कथा-सम्राट मुंशी प्रेमचंद की स्मृति को समर्पित ‘संत अंतरराष्ट्रीय कलम के सिपाही प्रतियोगिता–2026’ में देश-विदेश से प्राप्त 52 कहानियों में उत्कृष्ट रचनाओं का चयन किया गया।
प्रतियोगिता का आयोजन गृहस्वामिनी इंटरनेशनल ई-मैगज़ीन के साथ सहयोगी संस्था वैश्विक हिंदी परिवार, वातायन यूरोप और इलासा( ऑस्ट्रेलिया)द्वारा किया गया।
यह आयोजन पिछले आठ वर्षों से आयोजित हो रहे कथा महोत्सव की निरंतरता है तथा पिछले वर्ष से इसे गृहस्वामिनी के संस्थापक एवं संरक्षक स्वर्गीय संत लाल सिंह की स्मृति को समर्पित किया गया है।
एक समारोह में प्रतियोगिता की मुख्य निर्णायक सुप्सिद्ध कथाकार सूर्यबाला , निर्णायक मंडल में अनिल जोशी(दिल्ली), दिव्या माथुर(लंदन), रेखा राजवंशी (सिडनी), शिखा आखौरी(जमशेदपुर )तथा अर्पणा संत सिंह(जमशेदपुर) शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन स्पेन की लेखिका पूजा अनिल और स्वागत भाषण शैलेन्द्र अस्थाना ने किया। धन्यवाद ज्ञापन गृहस्वामिनी की संस्थापक एवं संपादक अर्पणा संत सिंह ने किया तथा सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन प्रेमचंद की कथा-परंपरा को आगे बढ़ाने और स्वर्गीय संत लाल सिंह की साहित्यिक स्मृति को जीवित रखने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि देश-विदेश से मिली सहभागिता हिंदी कहानी की वैश्विक पहुंच और रचनात्मक ऊर्जा का प्रमाण है।प्रतियोगिता में अनिता रश्मि (रांची), उमंग सरीन (दिल्ली), प्रकाश चंद्र जैन (उत्तराखंड), डॉ. अनिता भटनागर (लखनऊ), सरस दरबारी (कनाडा) और वंदना खुराना (लंदन) को विजेता घोषित किया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ₹11,000, द्वितीय पुरस्कार ₹5,000 तथा तृतीय पुरस्कार ₹3,000 निर्धारित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा चयनित कहानियों के प्रकाशन सहित विभिन्न साहित्यिक अवसर प्रदान किए गए।
‘प्रशंसनीय व रचनात्मक सृजन’ के लिए अर्चना अनुप्रिया (दिल्ली), सारिका भूषण (रांची), रेखा भाटिया (अमेरिका), डॉ. जूही समर्पिता, पद्मा मिश्रा, अरुणा झा (जमशेदपुर), आलोक मिश्रा (सिंगापुर), मंजु श्रीवास्तव (अमेरिका), सुषमा रजनीश (लंदन), निशा शर्मा (मुंबई), नितिन उपाध्ये (दुबई) और सरला मेहता (जबलपुर) का चयन किया गया।

