मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में रिवोल्यूशन मैक्सिमा सीटी स्कैनर और डिजिटल एक्स-रे सिस्टम का उद्घाटन, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मिलेगी नई मजबूती…..
जमशेदपुर, 4 नवंबर, 2026:
मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (MTMH) ने आज अपनी डायग्नोस्टिक सुविधाओं को और मजबूत करते हुए GE हेल्थकेयर के रिवोल्यूशन मैक्सिमा सीटी स्कैनर और अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे सिस्टम का उद्घाटन किया। इसका उद्घाटन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज, डी.बी. सुंदरा रामम ने किया।
रिवोल्यूशन मैक्सिमा जमशेदपुर में अपनी तरह का एकमात्र सीटी स्कैनर है, जो इस क्षेत्र में अगली पीढ़ी की इमेजिंग तकनीक लेकर आया है। FDA से अनुमोदित यह सिस्टम 500-स्लाइस इक्विवेलेंट तकनीक और 32 सेमी की विशेष कवरेज क्षमता से लैस है। इससे कम समय में अधिक सटीक और व्यापक इमेजिंग संभव होगी। साथ ही, यह रेडिएशन के कम एक्सपोजर के साथ जांच की सुविधा भी प्रदान करता है।
इस सीटी स्कैनर की प्रमुख विशेषताओं में से एक है हृदय की उन्नत इमेजिंग क्षमता। यह कुछ ही सेकंड में बिना किसी इंजेक्शन के CT कैल्शियम स्कोर जांच कर सकता है। इससे डॉक्टरों को हृदय की धमनियों (कोरोनरी आर्टरीज) में कैल्शियम के जमाव की मात्रा का पता लगाने और भविष्य में हृदय रोग के जोखिम का आकलन करने में मदद मिलती है। यह सिस्टम CT कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा भी प्रदान करता है। इसमें बांह की नस के माध्यम से कॉन्ट्रास्ट डाई देकर हृदय की धमनियों में संकुचन या ब्लॉकेज की स्थिति देखी जा सकती है।
इस प्रक्रिया में इनवेसिव कैथेटर-आधारित जांच की आवश्यकता नहीं होती।बेहद तेज गति से घूमने वाले गैन्ट्री और उन्नत मोशन-करेक्शन तकनीक से लैस यह स्कैनर धड़कते हुए हृदय की भी स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, GE हेल्थकेयर की ASiR-V तकनीक मरीज और जांच के प्रकार के आधार पर रेडिएशन डोज को 82% तक कम कर सकती है, जबकि इमेज की गुणवत्ता भी उत्कृष्ट बनी रहती है।हृदय संबंधी जांच के अलावा, यह स्कैनर ब्रेन स्ट्रोक, दुर्घटना और आपातकालीन मामलों, कैंसर के साथ-साथ छाती, पेट और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की त्वरित जांच और सटीक आकलन में भी मदद करता है।
इस सिस्टम में इन-बिल्ट 3D कैमरा भी है, जो मरीज की सही स्थिति निर्धारित करने में मदद करता है। इससे अधिकांश जांच कुछ ही सेकंड में पूरी की जा सकती हैं, जिससे जांच की प्रक्रिया अधिक सहज और मरीजों का अनुभव बेहतर होता है।यह सीटी सिस्टम 0.28 मिमी रिजॉल्यूशन के साथ बेहद स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली इमेज उपलब्ध कराता है, जिससे ऊतकों (टिश्यू) की बारीक से बारीक संरचना को भी बेहतर तरीके से देखा जा सकता है। इसकी एडवांस्ड ड्यूल एनर्जी टेक्नोलॉजी ब्रेन एंजियोग्राफी और मेटल आर्टिफैक्ट रिडक्शन जैसी विशेष जांचों में भी सहायक है।
इससे विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में बीमारियों की जांच और सटीक निदान करने में डॉक्टरों को अधिक भरोसेमंद जानकारी मिलती है।इस अवसर पर डी.बी. सुंदरा रामम ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार के बेहतर परिणाम उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार उन्नत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन नई प्रणालियों के जुड़ने से MTMH की उच्च गुणवत्ता वाली और मरीज-केंद्रित डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने की क्षमता और मजबूत होगी। MTMH में एक अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिसे जांच की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस कॉम्पैक्ट सिस्टम में ऑटोमैटिक स्टिचिंग, पोजिशनिंग और ट्रैकिंग के साथ रिमोट-कंट्रोल की सुविधा भी है, जिससे इसका संचालन सुचारू होता है और कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित एवं कुशल बनती है।डिजिटल एक्स-रे सिस्टम में फ्लोरोस्कोपी, डिजिटल स्पॉट इमेजिंग, हाई-रिजॉल्यूशन एक्स-रे और सिने मोड सहित कई तरह की इमेजिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच और सटीक निदान में सहायक होंगी। इसमें ड्यूल एनर्जी इमेजिंग का विकल्प भी है। इसके अलावा, इसमें इन-बिल्ट एंटी-कोलिजन सेफ्टी सिस्टम दिया गया है, जो मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है।
इन अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीकों की शुरुआत MTMH की नवाचार, सटीक जांच और मरीजों के बेहतर उपचार परिणामों के माध्यम से विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हॉस्पिटल ने स्पष्ट किया कि CT कैल्शियम स्कोरिंग और CT कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसी हृदय संबंधी जांचों सहित सभी सीटी जांच केवल योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही कराई जानी चाहिए। इन जांचों की आवश्यकता का निर्धारण मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के आकलन और डॉक्टर के विवेक के आधार पर किया जाना चाहिए।

