मानगो नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 13 से शिक्षाविद किरण कुमारी ने स्वयं को प्रत्याशी घोषित कर बढ़ाया तापमान…..
संभावित मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर मानगो क्षेत्र में सियासी तापमान गर्म होने लगा है।
सबसे बड़ी बात यह है कि मानगो नगर निगम के मेयर का सीट महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित होने के बाद कई दबंगों, राजनीतिक वारिसों, पूंजीपतियों और धन कुबेरों के अरमानों पर महत्वाकांक्षा की जमीन का भूमि- स्खलन हो चुका है।
“भागते भूत का लंगोट ही सही” के तर्ज पर और अपने रसूख और पावर के घोड़े को साधने के लिए और मुकाबले में खुद को कैंडिडेट बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों ने मेयर पद के क्रीमी सीट के लिए अपनी अपनी पत्नियों के नामों की घोषणा कर दिया है।
उनकी घोषणाओं ने मानगो के वोटरों के ध्यान को तो खींचा है परंतु वोटर इनसे प्रभावित नजर नहीं दिखाई दे रहे।
मतदाता यह बात भली भांति समझ रहे हैं कि ऐसे लोग पत्नियों को प्रत्याशी के तौर पर आगे कर खुद ही मेयर की ड्राइविंग सीट पर बैठना चाहते हैं।
इन सब से इतर पिछले लगभग 30 वर्षों से शिक्षा का खामोशी से अलख जगा रही मानगो के वार्ड संख्या 13 की निवासी शिक्षाविद किरण कुमारी ने स्वयं को प्रत्याशी घोषित किया है।
कचरे की सफाई, नाली की सफाई से इतर किरण कुमारी का मानना है कि शिक्षाविद् की हैसियत से नौजवानों को फ्री एजुकेशन काउंसलिंग उपलब्ध करवाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
साथ ही महिलाओं की सुरक्षा हेतु पिंक पेट्रोलिंग को अपने क्षेत्र में अनिवार्य करवाना भी अत्यंत थी जरूरी है, ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ सके।
अपनी प्राथमिकता सूची में शिक्षाविद किरण कुमारी ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जोड़ने की बात भी की है, जिससे महिलाओं में स्वालंबन की भावना मजबूत हो सके और वह घर की चार दिवारी से बाहर निकलकर स्वालंबन की राह पर आत्मनिर्भर बन सके।



