“सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम इफेक्ट” जानिए झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी द्वारा 24 बिल्डिंग को तोड़ने की प्रक्रिया कैसे रुकी..?
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने …?
कई दिनों से चली आ रही और जमशेदपुर शहर की सबसे बड़ी खबर के रूप में ट्रेंड कर रही 24 इमारतों को नक्शा विचलन के कारण ढहाने की खबर की रफ्तार आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद धीमी पड़ गई।
ज्ञात हो कि आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कोर्ट संख्या 2 में अपील संख्या 4741/2026 पर सुनवाई हुई।
यह याचिका याचिकाकर्ता तौसीफ अली के द्वारा दायर की गई थी।
दरअसल माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने अपने फाइनल जजमेंट में दिनांक 29 जनवरी 2026 को लिए I.A. Number 1478/2026 में याचिका करता रंजीत झा के द्वारा दायर रिट पिटीशन संख्या W.P.(PIL) No. 2078/2018 के आलोक में सुनवाई के द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति को निर्देशित किया था कि नक्शा विचलन कर बनाई गई इन इमारतों में जरूरी तोड़फोड़ कर उसे ठीक किया जाए।
तमाम कानुनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद आज जेएनएसी जिला प्रशासन के सहयोग से तमाम दलबल के साथ एक्शन मोड में आ चुका था।
इसी बीच याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता के इस दलील को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि इस पूरे कानूनी और न्यायिक सुनवाई में ना तो उसे पार्टी बनाया गया और ना उसे अपनी बात कहने का मौका दिया गया।
सर्वोच्च न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश श्री विक्रम नाथ एवं संदीप मेहता की खंडपीठ ने अपने पारित आदेश में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।


