बंद रहे शिक्षा के द्वार, होता रहा मदिरा का व्यापार…

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कल पूरा राष्ट्र ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब आयोध्या में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की गई| पूरा देश झुम उठा और सबने मिलकर दिवाली भी मनाई| इस अवसर पर सरकारी आदेश से शिक्षा के मंदिरों यानि की स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई थी, वहीं दुसरी ओर शराब की दुकानें खुली हुई थी| इन दोनों में क्या ज्यादा जरूरी था ये चिंतन करने का विषय है|

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राजनीति और सामाज के अंदर तक घुसपैठ कर चुके विषैले विषाणुओं को मारने वाला किटाणुनाशक....
एडवेंचर पत्रकारिता से प्यार और किसी भी कीमत पर सच सामने लाने की जिद.....
"जो नहीं हो सकता वहीं तो करना है".....

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