दो फ्लैट, दो निजी आलीशान घर– फिर क्यों पत्नी और बच्चों को टाटा स्टील के फ्लैट से निकालना चाहते हैं टाटा स्टील कर्मचारी मणि भूषण तिवारी…..?
कदमा थाना अंतर्गत टाटा स्टील के ग्रीन एनक्लेव में आवंटित फ्लैट में टाटा स्टील के कर्मचारी मणि भूषण तिवारी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कुछ वर्ष पहले तक सामान्य जीवन बिता रहे थे।
इसी क्रम में पौरुष के अहंकार के वशीभूत मणि भूषण तिवारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करने लगे और हिंसक व्यवहार करने लगे।
टाटा स्टील के कर्मचारी के तौर पर मणि भूषण तिवारी की मासिक तनख्वाह करीब दो लाख रुपए है। साथ ही साथ मणि भूषण तिवारी कदमा में दो-दो फ्लैटों के बीच मालिक हैं, जिसे उन्होंने किराए पर दे रखा है।
दोनों फ्लैटों से 30000/- रुपए के करीब हर माह किराया आता है। यही नहीं मणि भूषण तिवारी के पास करोड़ों की पैतृक संपत्ति भी है। वहां से भी ₹50000/- के करीब किराया आता है।
सारा विवरण निम्नलिखित है–
1.कामधेनू अपार्टमेंट, कदमा
फ्लैट नंबर A1/11
Area– 1260 square feet
2.कामधेनू अपार्टमेंट, कदमा
फ्लैट नंबर A2/3
Area– 1262 square feet
3.पैतृक संपत्ति —-
क- शास्त्रीनगर, कदमा
ब्लॉक नंबर 3, होल्डिंग नंबर 70
एरिया — 3000 वर्ग फीट
ख. शास्त्रीनगर, कदमा
ब्लॉक नंबर 3, होल्डिंग नंबर 29
एरिया — 3000 वर्ग फीट
घरेलू हिंसा और आपसी अनबन के कारण मणि भूषण तिवारी ग्रीन एनक्लेव के फ्लैट में अपनी पत्नी और बच्चों को उनके हाल पर छोड़कर कदमा के शास्त्री नगर स्थित अपने पुश्तैनी मकान में रहने चले गए। मजबूरीवश उच्च शिक्षित पत्नी को घर चलाने और दोनों बच्चों की शिक्षा को जारी रखने के लिए एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य शुरू करना पड़ा।
मणि भूषण तिवारी द्वारा सारे आर्थिक योगदान को बंद करने के बावजूद पत्नी द्वारा शिक्षण कार्य कर जीवन यापन करने वाली बात पुरुष होने के अहंकार में चूर मणि भूषण तिवारी को चुभ गई।
फ्लैट में घुस कर जमकर उत्पात मचाने के बाद पत्नी ने न्यायालय में घरेलू हिंसा का मामला और साथ ही साथ पत्नी के रूप में अपना अधिकार पाने हेतु न्यायालय में मेंटेनेंस का मुकदमा दायर किया।
परंतु पैसे के घमंड और मानसिक सनक से चूर होकर मणि भूषण तिवारी आसामाजिक तत्वों की टोली के साथ खूनी इरादे लेकर छेनी और हथौड़े के साथ फ्लैट पहुंचे।
और हिंसक व्यवहार का उदाहरण पेश करते हुए टाटा स्टील द्वारा प्रदत्त फ्लैट के दरवाजे को तोड़कर जबरन प्रवेश किया। घटना का वीडियो मीडिया में वायरल होने के बाद शायद मणि भूषण तिवारी कोई हिंसक कांड करने को लेकर डर गए।
सवाल यह है की मणि भूषण तिवारी के पास रहने के लिए चार-चार जगह के होने के बाद भी और न्यायालय में मामला लंबित होने के बाद भी आखिर इस फ्लैट में जबरन दरवाजा तोड़कर क्या करना चाहते हैं?
आखिर इनकी मंशा क्या है?
टाटा स्टील का कर्मचारी होते हुए भी टाटा स्टील के फ्लैट को खुलेआम छेनी और हथौड़े से तोड़ना टाटा स्टील के साख के लिए भी प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। मणि भूषण तिवारी का टाटा स्टील के कर्मचारी के रूप में पर्सनल नंबर 503295 है।
नोट- अपने पाठकों से मिल रहे स्नेह और सम्मान के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
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अंकित विजय की कलम से….☝️☝️



