DeepakPrakash दीपक प्रकाश नाम है. इस लड़के का जो आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंत्री पद की शपथ ली है. कल तक इसे कोई जानता भी नहीं था. आज अचानक चर्चा का विषय बन गया. ये महानुभाव रालोमो अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे हैं. अब देखिए खुद उपेन्द्र कुशवाहा राज्यसभा सांसद हैं. पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को विधानसभा चुनाव सासाराम से लड़वाये, जीत गई. बेटा बचा हुआ था तो वाइल्ड कार्ड एंट्री दिलवाकर सीधे मंत्री पद की शपथ दिलवा दी.
पीएम नरेन्द्र मोदी परिवारवाद के खिलाफ है, इसमें अब कोई शक नहीं है! दीपक प्रकाश को मोदी जी का आशीर्वाद भी मंच पर मिल गया. वाह!
उपेंद्र कुशवाहा ने बिना किसी सदन के सदस्य रहे अपने बेटे को बिहार मंत्रिमंडल में अपने पार्टी के कोटे से शामिल करवाया है. यह उपेंद्र कुशवाहा का व्यक्तिगत निर्णय है. अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर उपेंद्र कुशवाहा को ट्रोल किया जा रहा है. बिहार की राजनीति में एकल पार्टियों में यह कोई नई परिपाटी नहीं है! उपेंद्र कुशवाहा लंबे समय से राजनीति में अज्ञातवास में रहे हैं. अब बेटे बिहार सरकार में मंत्री बने हैं, जिन्हें एमएलसी बनाया जाएगा.
बस, राजद और कांग्रेस परिवारवाद को बढ़ावा देती है
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन उस समय सुर्खियों में आ गया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना उनका जींस और शर्ट में लिया गया शपथ — जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी। — कौन हैं दीपक प्रकाश? जन्म: 22 अक्टूबर 1989 पिता: उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख) शिक्षा: बी.टेक (कंप्यूटर साइंस) – मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी प्रोफेशन: सॉफ़्टवेयर इंजीनियर रह चुके हैं राजनीतिक सफर: 2019-20 में सक्रिय राजनीति में एंट्री, पिता के साथ संगठनात्मक कार्य देखना शुरू किया — जींस पहनकर शपथ — सोशल मीडिया पर चर्चा दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ब्लेज़र, शर्ट और जींस में ली, जो बिहार की राजनीति में बेहद असामान्य माना जाता है। लोकप्रियता, सहजता और युवा छवि को दिखाने वाले इस लुक ने इंटरनेट पर ताबड़तोड़ चर्चाएँ शुरू कर दीं। — बिना चुनाव लड़े मंत्री यह भी खास है कि दीपक प्रकाश न तो विधायक हैं, न ही विधान परिषद सदस्य। राज्य सरकार की संवैधानिक व्यवस्था के तहत उन्हें 6 महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा, वरना मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। — कैबिनेट में जगह कैसे मिली? राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार: नीतीश कुमार सरकार में आरएलएम (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) कोटे से एक मंत्री पद तय था। दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे को आगे बढ़ाकर युवा चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट किया। एनडीए में सामाजिक समीकरण मजबूत करने और कुशवाहा (कोयरी) वोटबैंक को साधने की रणनीति भी मानी जा रही है। — राजनीतिक संदेश क्या? 1. युवा नेतृत्व का उदय 2. पारिवारिक विरासत और राजनीति का नया अध्याय 3. कुशवाहा समाज में पकड़ बढ़ाने की कोशिश 4. सहज, आधुनिक और टेक-सैवी छवि पेश करना। 🤔👏💬👍



