हर अपराध में सबसे पहले उसे करने का इरादा, दूसरे उसे करने की तैयारी, तीसरे उसे करने का प्रयास और चौथे अपराध को अंजाम देना शामिल होता है।


5 दिन पहले मानगो दाईगुट्टू निवासी संजीत उपाध्याय की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के कारणों का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है।
आरोपित, पीड़ित और जमशेदपुर पुलिस- तीनों को इस मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार है। दरअसल मृतक की पत्नी प्रियंका तिवारी ने मानगो थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने संजीत उपाध्याय को शराब के साथ कोई अज्ञात जहरीला या विषैला पदार्थ मिलाकर पिला दिया।
जिसके कारण उसके पति संजीत उपाध्याय की मौत हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक सुद ब्याज का कारोबारी भी था और साथ ही साथ शराब के अत्यधिक सेवन का आदी भी था।
घटना वाले दिन भी मृतक संजीत उपाध्याय शाम को किसी और के साथ कहीं और दूसरी जगह बैठकर पी रहा था। वहां से शराब पीकर लौटने के बाद मृतक संजीत, नरेंद्र सिंह के बर्थडे पार्टी में शामिल हुआ और जमकर शराब पी।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि मृतक संजीत उपाध्याय के अकाउंट में बलदेव सिंह ने शराब लाने के लिए ₹2300 यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए थे।
मृतक स्वयं उन पैसों से शराब खरीद कर वहां पहुंचा जहां बर्थ डे पार्टी चल रही थी।
यह सारी घटना सीसीटीवी में कैद होगी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस को घटनास्थल से साक्ष्य के रूप में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। साथ ही मृतक का आरोपियों के साथ पूर्व या वर्तमान में कोई भी विवाद नहीं रहा था।
बल्कि उन लोगों के आपस में मधुर संबंध थे। पुलिस अपने अनुसंधान में यह भी पता लगा रही है कि मरहूम संजीत उपाध्याय की मौत से किसे फायदा हो सकता था।
कहीं इस मौत का कोई और कारण तो नहीं?
साथ ही साथ प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चूक भी नजर आ रही है कि ऐसे संदेहास्पद और विवादित मामलों में संजीत उपाध्याय की पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी क्यों नहीं कराई गई?


