यूजीसी के विरोध में परशुराम सिंह बागी ने भरी हुंकार, स्वर्ण समाज से संगठित होने की अपील…..
जमशेदपुर। यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर समाजसेवी परशुराम सिंह ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए इसके विरोध में स्वर्ण समाज के लोगों से संगठित होकर आगे आने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सभी लोगों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
यूजीसी के विरोध में सामान्य वर्ग के युवाओं का दिल्ली के जंतर मंतर में चल रहे प्रदर्शन को लेकर परशुराम सिंह बागी ने उनके ऐजेंडे को अपना समर्थन दिया है और कहा है कि वर्तमान में बहुत जरूरी है कि आरक्षण को वर्तमान परिपेक्ष्य में देखते हुए इसकी समीक्षा की आवश्यकता है। आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाए, चाहे वह व्यक्ति किसी भी वर्ग से आता हो। आरक्षण का आधार आर्थिक हो ना थी सामाजिक।
इसके साथ ही परशुराम सिंह बागी ने कहा कि अगर आज स्वर्ण समाज दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़ा नहीं होता है तो वर्षों से आरक्षण का जो दंश सामान्य वर्ग झेल रहा है कहीं ऐसा ना हो कि आने वाली पीढ़ी हमको यह पूछे कि अपने समय रहते इसका विरोध क्यों नहीं किया।
परशुराम सिंह ने कहा कि यूजीसी के प्रावधानों और उससे जुड़े निर्णयों को लेकर समाज के बीच व्यापक चर्चा और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने स्वर्ण समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेदों को दूर कर एकजुट हों तथा अपने अधिकारों और हितों के लिए शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर समाज की एकजुटता ही उसकी ताकत होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तथ्यों को समझें, आपसी संवाद बनाए रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी मांगों को संबंधित मंचों तक पहुंचाएं।
परशुराम सिंह के इस आह्वान के बाद यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर स्वर्ण समाज में चर्चा तेज होने की बात कही जा रही है। उन्होंने समाज के युवाओं और बुद्धिजीवियों से भी इस विषय पर जागरूकता फैलाने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया।
ज्ञात हो की परशुराम सिंह बागी झारखंड क्षत्रिय संघ की केन्द्रीय कमिटी के सदस्य होने के साथ साथ भारत रक्षा मंच के जिला अध्यक्ष भी हैं और इन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव भी लड़ा है।

