सर्वांसदानी दशमेश पिता के बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र सदैव याद रखेगा : काले
जुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने की प्रेरणा देते हैं श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
नगर कीर्तन में शामिल हुए प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, पालकी साहिब के समक्ष मत्था टेका, संगत के किए दर्शन
जमशेदपुर में दशमेश पिता धन-धन श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज जी के 359वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले प्रत्येक वर्ष की भाँति नगर कीर्तन में सम्मिलित हुए।
अमरप्रीत सिंह काले ने पालकी साहिब के समक्ष मत्था टेककर गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा संगत के साथ चलकर सेवा, त्याग और समर्पण के महान संदेश को आत्मसात किया। नगर कीर्तन में सिख समुदाय के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हाथों में निशान साहिब, मुख पर शबद-कीर्तन और हृदय में गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।
नगर कीर्तन के दौरान स्थान-स्थान पर संगत द्वारा लंगर एवं सेवा कार्य किए गए। पूरे शहर में शांति, सौहार्द, भाईचारे और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, समानता, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित रहा है। उन्होंने अन्याय और जुल्म के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा दी। सर्वांसदानी दशमेश पिता के अद्वितीय बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा। आज नगर कीर्तन में संगत के साथ शामिल होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सिख समुदाय ने सदैव देश और समाज को सेवा, बलिदान और एकता का संदेश दिया है- यही गुरु साहिब की सच्ची शिक्षाएं हैं।
अमरप्रीत सिंह काले ने सफल आयोजन के लिए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक समिति, सभी गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों एवं स्कूल के विद्यार्थी एवं शिक्षक व
शिक्षिकाएं, सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा, सेंट्रल नौजवान सभा, आयोजन से जुड़े सभी संगठनों एवं संस्थाओं, जिला पुलिस एवं प्रशासन तथा सभी शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर कीर्तन के दौरान सहयोग देने वाले सभी राहगीरों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
काले ने कहा की अपना जमशेदपुर शहर एक बहुत ही खूबसूरत, प्यारा, सामाजिक सौहार्द वाला शहर है , परमात्म शहरवासियों में अपनी कृपा बनाये रखें और इस शहर को अपने शरण में रखें ।



